आखिर रेलवे पटरियों के बीच क्यों बिछाये जाते हैं पत्थर | GK In Hindi General Knowledge

आखिर रेलवे पटरियों के बीच क्यों बिछाये जाते हैं पत्थर GK In Hindi : भारत में प्रतिदिन करोड़ों लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं ! अगर आपने कभी ट्रेन से यात्रा की है तो आपने देखा होगा कि रेलवे ट्रैक पर पटरियों के बीच में बहुत सारे पत्थर पड़े होते हैं ! ऐसा कहा जाता है कि जब से ट्रेन का आविष्कार हुआ है तभी से इसकी पटरियों पर पत्थर बिछा दिए गए हैं ! आपको बता दें कि ट्रैक में गिट्टी बिछाने के पीछे कई बड़े कारण हैं ! आज हम आपको रेल की पटरियों पर पत्थर बिछाने का कारण बताने जा रहे हैं !

आखिर रेलवे पटरियों के बीच क्यों बिछाये जाते हैं पत्थर GK In Hindi

आखिर रेलवे पटरियों के बीच क्यों बिछाये जाते हैं पत्थर

आखिर रेलवे पटरियों के बीच क्यों बिछाये जाते हैं पत्थर

रेलवे ट्रैक पर नुकीले पत्थर रखने के दो मुख्य कारण हैं ! पहला तो ये कि ये पटरियों को टाइट रखते हैं और उन्हें फैलने नहीं देते ! ट्रेन का वजन बहुत भारी होता है और फिर उसमें लोगों का वजन भी जुड़ जाता है ! जब ट्रेन इतने वजन के साथ चलती है तो पटरियों में कंपन होता है, जिससे वे धीरे-धीरे फैलने लगती हैं !

यहीं पर ये नुकीले पत्थर काम आते हैं, जो इन्हें कसकर पकड़ते हैं और फैलने से रोकते हैं ! अगर आप सोच रहे हैं कि गोल पत्थर क्यों नहीं लगाए जाते तो इसका कारण यह है कि ये खुद बहुत फिसलते हैं, जिससे पटरियों को स्थिरता प्रदान करना इनके लिए मुश्किल होता है !

GK In Hindi रेल की पटरियों पर पत्थर क्यों होते हैं

रेल की पटरी देखने में जितनी सरल लगती है, हकीकत में उतनी सरल नहीं होती ! उस ट्रैक के नीचे कंक्रीट से बनी प्लेटें होती हैं जिन्हें स्लीपर कहा जाता है ! इन स्लीपरों के नीचे पत्थर यानी गिट्टी होती है, इसे गिट्टी कहते हैं, इसके नीचे विभिन्न प्रकार की चीजें होती हैं ! मिट्टी की दो परतें होती हैं और इन सबके नीचे सामान्य ज़मीन होती है !

आखिर रेलवे पटरियों के बीच क्यों बिछाये जाते हैं पत्थरGeneral Knowledge

लोहे से बनी ट्रेन का वजन लगभग 10 लाख किलोग्राम होता है, जिसे पटरियां अकेले नहीं संभाल सकतीं ! इतनी भारी ट्रेन के वजन को संभालने में लोहे से बनी पटरियां, कंक्रीट और पत्थरों से बने स्लीपर तीनों का योगदान होता है ! दरअसल, सबसे ज्यादा भार इन्हीं पत्थरों पर पड़ता है ! पत्थरों के कारण ही कंक्रीट से बने स्लीपर अपनी जगह से हिलते नहीं हैं !

ट्रैक को घास और अन्य पौधों से बचाने में मदद करता है

अगर ट्रैक पर पत्थर नहीं बिछाए जाएंगे तो ट्रैक घास और पेड़-पौधों से भर जाएगा ! यदि रेल ट्रैक पर पेड़-पौधे उगेंगे तो ट्रेन को ट्रैक पर चलने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा ! इस वजह से भी ट्रैक पर पत्थर हैं !

GK In Hindi General Knowledge स्लीपर क्या हैं

अभी हमने ऊपर एक और शब्द का जिक्र किया, स्लीपर ! इन छोटे-छोटे पत्थरों के अलावा रेलवे ट्रैक पर कंक्रीट से बनी लंबी-लंबी प्लेटें भी लगाई जाती हैं, जिन पर पटरियां बिछाई जाती हैं ! इन्हें स्लीपर कहा जाता है ! ट्रैक गिट्टियाँ इन स्लीपरों को स्थिरता भी प्रदान करती हैं ! जब ट्रेन गुजरती है तो स्लीपर और गिट्टी का मिश्रण उसका भार सहन कर लेता है और किसी भी दुर्घटना की संभावना कम हो जाती है !

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